Shri Mahant Indiresh Hospital:10 फरवरी को विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

  • दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के पूजनीय श्री महंत देवेन्द्र दास जी महाराज के जन्मदिवस (प्रकटोत्सव 10 फरवरी) के उपलक्ष्य में कैंप में मिलेंगी निःशुल्क सुविधाएं
  • 7, 8, 9 फरवरी को सुबह 09 बजे से शाम 05 बजे तक सुपरस्पेशलिटी सेवाओं के लिए कराएं रजिस्ट्रेशन
  • शिविर में एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सभी तरह के लैब टैस्ट, सभी प्रोसीजर एवम्
  • 3 दिन की दवाईयां निःशुल्क मिलेंगी

देहरादून: दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दी नशीन एवं पूजनीय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के जन्मदिवस (प्रकटोत्सव 10 फरवरी) के पावन अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून द्वारा 10 फरवरी 2026 (मंगलवार) को एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसे इस वर्ष सेवा दिवस के रूप में श्रद्धा, सेवा और समर्पण की भावना के साथ मनाया जाएगा। इस शिविर में जनरल चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ सभी सुपरस्पेशलिटी सेवाएं भी पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। शिविर के लिए पंजीकरण सुबह 08 बजे से प्रारंभ होगा, जबकि मरीज सुबह 09 बजे से दोपहर 03 बजे तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी ने जानकारी देते हुए बताया कि पूजनीय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के प्रकटोत्सव को सेवा दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक उच्चस्तरीय एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि सुपरस्पेशलिटी सेवाओं के लिए 7, 8 एवं 9 फरवरी को सुबह 09 बजे से शाम 05 बजे तक पूर्व पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसके लिए मरीज मोबाइल नंबर 9389922423 पर संपर्क कर सकते हैं, जबकि सामान्य विभागों के लिए 10 फरवरी को शिविर स्थल पर सीधे पंजीकरण किया जाएगा।

निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर के अंतर्गत एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सभी प्रकार की लैब जांचें एवं आवश्यक चिकित्सकीय प्रोसीजर बिना किसी शुल्क के किए जाएंगे। शिविर में पंजीकृत मरीजों के ऑपरेशन एवं अन्य चिकित्सा प्रक्रियाएं भी पूर्णतः निःशुल्क संपन्न कराई जाएंगी। शिविर मंे डाॅक्टरों से परामर्श लेने के बाद मरीजों को 3 दिनों की दवाईयाँ निःशुल्क वितरित की जाएंगी।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल द्वारा आयोजित यह सेवा दिवस जनकल्याण, मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का सशक्त प्रतीक है, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।