माँ अम्बिका देवी मंदिर में भजनों और जागर की धूम, झूम उठे श्रद्धालु
- नवरात्र की पावन बेला पर राजपुर में बही भक्ति की गंगा
- माता के जयकारों के साथ लगे श्री गुरु राम राय जी महाराज के जयकारे
- श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने राज्यवासियों व देशवासियों को दी रामनवमी की बधाई
- जागर संध्या में देवी भक्ति का उमड़ा सैलाब, श्रद्धालु हुए भाव-विभोर
- नंदा राजजात की झलक और देवी स्तुति ने बांधा समां, भक्तों ने किया भावपूर्ण नृत्य
देहरादून: देहरादून के राजपुर स्थित प्राचीन माँ अम्बिका देवी सिद्ध पीठ मंदिर में नवरात्रि की पावन बेला पर भजनों और जागर की धूम मची रही। श्री गुरु राम राय जी महाराज, श्री झंडा साहिब दरबार द्वारा संचालित इस मंदिर में गुरुवार रात आयोजित जागर संध्या में लोकगायक मंगलेश डंगवाल ने ढोल-दमाऊं की गूंजती थाप पर माँ भगवती के भजनों और जागर गाकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
नंदा राजजात की भावपूर्ण झलक, देवी के नव स्वरूपों की स्तुति और जागर गीतों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। पूरी रात चले इस भक्ति उत्सव में हजारों भक्तगण झूम उठे और माँ अम्बिका देवी के जयकारों के साथ श्री गुरु राम राय जी महाराज के उद्घोष से पूरी घाटी गूंज उठी। भंडारे के साथ पूरा कार्यक्रम भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम साबित हुआ।
इस अवसर पर श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के चेयरमैन एवं मंदिर के संरक्षक श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने प्रदेशवासियों एवं समस्त देशवासियों को रामनवमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि मंत्री गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री खजान दास, राज्यमंत्री प्रताप पंवार एवं भाजपा युवा मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा, “माँ भगवती की कृपा से यह पावन अवसर प्राप्त हुआ है। नवरात्र आत्मशुद्धि और शक्ति आराधना का पर्व है। माँ अंबिका सभी भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और शक्ति प्रदान करें।”
कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा, “जागर की परंपरा हमारी आस्था और संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। माँ के जयकारों से यह भूमि पवित्र और ऊर्जा से भर उठी है। माँ का आशीर्वाद सभी पर बना रहे।”
राज्यमंत्री प्रताप पंवार ने कहा, “नवरात्र में माँ के विविध स्वरूपों का स्मरण हमें शक्ति और साहस देता है। जागर के माध्यम से देवी का साक्षात अनुभव होता है। माँ की कृपा से समाज में सद्भाव और समृद्धि बढ़े।”
लोकगायक मंगलेश डंगवाल ने मां गंगा की स्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत की और उसके बाद नंदा राजजात यात्रा तथा मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों पर आधारित जागर गीत प्रस्तुत किए। ढोल-दमाऊं की थाप पर श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण नृत्य भी किया।
उत्तराखंड की लोक संस्कृति में जागर देवी-देवताओं के आवाहन का महत्वपूर्ण माध्यम है, जो श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभूति से जोड़ता है। इस नवरात्रि जागर संध्या ने देवभूमि उत्तराखंड की गहरी आस्था को एक बार फिर जीवंत कर दिखाया।
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