ग्राफिक एरा ने रचा एशिया का नया इतिहास, 1 घंटे 28 मिनट में बनाए 554 तरह के पराठे

देहरादून: ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के छात्रों और शिक्षकों ने एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। महज 1 घंटा 28 मिनट में 554 विभिन्न प्रकार के पराठे तैयार करके टीम ने यह उपलब्धि हासिल की।

हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट विभाग के छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मिलकर यह रिकॉर्ड बनाया। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि श्री आनंद वेदांत की मौजूदगी में कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह को मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।

इस आयोजन में भारत की समृद्ध खाद्य विविधता को प्रदर्शित किया गया। उत्तराखंड के गहत दाल, चैंसू, झंगोरा और काफुली से लेकर उत्तर भारतीय पनीर, सत्तू, मटर और मूली पराठों तक का स्वाद शामिल था। साथ ही मावा-गुलकंद, केला-गुड़, रसोगुल्ला जैसे मीठे पराठे और इमली-प्याज, गुड़-तिल, चना भाजी जैसे अनोखे प्रयोग भी किए गए। ग्लूटेन-फ्री, डायबिटिक-फ्रेंडली, मल्टीग्रेन और हाई-फाइबर पराठों के साथ चुकंदर, पालक और हल्दी वाले रंग-बिरंगे पराठे भी बनाए गए। शाकाहारी और मांसाहारी दोनों विकल्पों में फिश, कोषा मंग्शो, स्प्राउट्स, टोफू और ड्राई फ्रूट्स जैसे भरावों ने स्वाद और पौष्टिकता का अनोखा संतुलन दिखाया।कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने कहा कि भारत की कृषि विविधता हमारी सबसे बड़ी ताकत है और भोजन केवल स्वाद तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक भी है। विभागाध्यक्ष डॉ. अमर डबराल ने बताया कि पराठों को तैयार करते समय जायके और प्रस्तुतीकरण के साथ-साथ पौष्टिकता और विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति को भी ध्यान में रखा गया। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रविश कुकरेती ने बताया कि इसमें पर्पल पोटैटो और फॉक्सटेल मिलेट्स जैसे अनूठे तत्वों का भी उपयोग किया गया।ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने इस उपलब्धि को भारतीय संस्कृति और पाक कला में युवा ऊर्जा तथा रचनात्मकता का शानदार उदाहरण बताया।

गौरतलब है कि हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट विभाग इससे पहले दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड और पांच लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स बना चुका है।

इस मौके पर प्रो-वीसी डॉ. संतोष एस सर्राफ, कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार शर्मा, डीन ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स डॉ. डी आर गंगोडकर, डॉ. राकेश दानी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पराठे बनाने वाली टीम में शिक्षक मोहसिन खान, सुनील लाल, विवेक रावत, योगेश उप्रेती और छात्र-छात्राएं चिंटू, आयुष राणा, ज्यूड, अविनाश गुरुंग, क्लीयो, अमान मंसूरी, समीक्षा, दीपेश पुन, प्रणव, आशुतोष, अनुष्का, चैतन्य, संतोष, पलक, निशांत, भूपेंद्र, लोकेश, गौरव, प्रियांशु, कारण, महक, मयंक आदि शामिल थे।