निजी स्कूलों की मनमानी पर कांग्रेस का बड़ा हस्तक्षेप: अभिभावकों को राहत दिलाने की मांग
- अभिभावकों की शिकायत पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से की मुलाकात
देहरादून: उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता एवं चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसजनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल से मुलाकात कर जनहित से जुड़े एक अत्यंत गंभीर मुद्दे—निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी फीस बढ़ोतरी, महंगी कॉपी-किताबों की अनिवार्यता तथा अभिभावकों के उत्पीड़न—को प्रमुखता से उठाया।
प्रीतम सिंह ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि वर्तमान समय में निजी स्कूल प्रबंधन बिना किसी पारदर्शिता और नियम के फीस में भारी वृद्धि कर रहे हैं। साथ ही, अभिभावकों को विशेष दुकानों से महंगी कॉपी-किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिससे मध्यम वर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर असहनीय आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
इससे पूर्व, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी उनके हक की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कांग्रेस के संचार सचिव वैभव वालिया ने कहा कि निजी स्कूलों को फीस निर्धारण के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए जाएं, मनमानी फीस वृद्धि पर तत्काल रोक लगाई जाए और उसकी जांच कर दोषी स्कूलों पर कार्रवाई की जाए।
कॉपी-किताबों एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री को निर्धारित दुकानों से खरीदने की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अभिभावकों को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित या मानसिक रूप से परेशान करने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मानना है कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं, बल्कि समाज का मूल अधिकार है। निजी स्कूलों द्वारा इसे मुनाफाखोरी का माध्यम बनाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रतिनिधि मंडल में कांग्रेस के राष्ट्रीय संचार सचिव वैभव वालिया , पूर्व राज्य मंत्री अजय सिंह , संजय कन्नौजिया , गौतम नौटियाल, आयुष् सेमवाल सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता एवं अभिभावक उपस्थित रहे।