10 बीघा पर बनी अवैध कॉलोनी पर चला MDDA का बुलडोजर, मेहुवाला में सख्त कार्रवाई

देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मेहुवाला क्षेत्र में 10 बीघा जमीन पर विकसित की जा रही अनधिकृत कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया है। प्राधिकरण की टीम ने “श्रीराम इन्क्लेव” नाम से बनाई जा रही इस अवैध कॉलोनी को पूरी तरह तोड़ दिया, जिससे अवैध प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप मच गया है।

एमडीडीए ने अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए सैक्टर वाइज टीमों का गठन किया है। ये टीमें लगातार क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई कर रही हैं। मेहुवाला माफी के निकट ईंट भट्टा क्षेत्र में कमल राठौर व अन्य लोगों द्वारा बिना किसी स्वीकृति के 10 बीघा भूमि पर प्लॉटिंग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देश पर की गई।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “अवैध रूप से कॉलोनियां विकसित करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे आम नागरिकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कई बार लोग बिना जांच-पड़ताल के ऐसे प्लॉट खरीद लेते हैं, जिससे भविष्य में उन्हें कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एमडीडीए ने सैक्टर वाइज टीमों का गठन कर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है। हमारी टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और जहां भी अवैध गतिविधियां सामने आती हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि देहरादून का विकास पूरी तरह नियोजित और सुरक्षित तरीके से हो। इसके लिए जरूरी है कि नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। साथ ही, आम जनता से भी अपील है कि वे केवल अधिकृत योजनाओं में ही निवेश करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्राधिकरण को दें।”

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण अवैध प्लॉटिंग पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। उन्होंने कहा कि मेहुवाला में की गई कार्रवाई इसी नीति का हिस्सा है और भविष्य में भी ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।