हाइपरटेंशन से बचाव व उपचार पर देश के विशेषज्ञ जुटे, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में CME

देहरादून: विश्व हाइपरटेंशन दिवस के अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग द्वारा एक दिवसीय निरंतर चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों ने हाइपरटेंशन से जुड़ी बढ़ती चुनौतियों, नई उपचार पद्धतियों, जागरूकता और बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. जी. स्वर्णलथा, विभागाध्यक्ष नेफ्रोलॉजी, निजाम इंस्टीट्यूट हैदराबाद, प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा, श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मलिक, चिकित्सक अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी एवं नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार द्वारा संयुक्त दीप प्रज्वलन से किया गया। इस अवसर पर डॉ. डोरछम खा्रइम ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। डॉ. आलोक कुमार ने ब्लड प्रेशर को सही तरीके से नापने, हाइपरटेंशन के बढ़ते खतरों, शुरुआती लक्षणों तथा जीवनशैली में बदलाव व बचाव के उपायों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। डॉ. जी. स्वर्णलथा ने बचाव एवं उपचार के नवीनतम तरीकों पर प्रकाश डाला, जबकि पीजीआई चंडीगढ़ के डॉ. मनीष राठी ने अनियंत्रित ब्लड प्रेशर के उपचार पर विस्तृत चर्चा की।कार्यक्रम में विशेषज्ञों का पैनल डिस्कशन सबसे आकर्षक रहा, जिसमें साइलेंट किलर के रूप में प्रसिद्ध हाइपरटेंशन के हर पहलू पर गहन मंथन हुआ। रेसिस्टेंट हाइपरटेंशन, महिलाओं एवं गर्भावस्था में हाइपरटेंशन, युवाओं में तेजी से बढ़ते मामलों, हार्ट अटैक के खतरे तथा किडनी, हृदय और मस्तिष्क पर इसके दुष्प्रभावों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर डॉ. विशाल कौशिक, डॉ. पुनीत ओहरी, डॉ. दीपेश धूत, डॉ. विनीता गुप्ता, डॉ. साहिल महाजन, डॉ. तनुज भाटिया, डॉ. शाहबाज अहमद, डॉ. शेरोन कंडारी, डॉ. गौरव शेखर शर्मा समेत कई विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चिकित्सकों, मेडिकल छात्रों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भाग लिया। अंत में नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. विवेक रूहेला ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया।