- चमोली टनल में मलबे और पानी के बीच रेस्क्यू तेज, अब तक आठ शव बरामद
चमोली: मायापुर-पीपलकोटी स्थित टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टीएचडीसी) की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में हुए भीषण हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। शनिवार को सघन रेस्क्यू अभियान के दौरान निर्माणाधीन टनल से एक और लापता श्रमिक का शव बरामद कर लिया गया। मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के दहीकोंगा निवासी देवनाथ (पुत्र धनसुराम बघेल) के रूप में हुई है। शव को टनल से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेज दिया गया है। इसके साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है, जबकि दो अन्य लापता श्रमिकों की तलाश अभी भी जारी है।
यह दर्दनाक हादसा गुरुवार, 13 अगस्त को उस वक्त हुआ था जब टनल के भीतर अचानक मलबे और पानी का प्रचंड सैलाब आ गया था। दुर्घटना के समय टनल के अंदर कुल 22 श्रमिक फंसे हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए राहत कार्य शुरू किया। रेस्क्यू टीमों की त्वरित कार्रवाई से कई श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन शुक्रवार को सात श्रमिकों के शव मिले थे और शनिवार को आठवां शव बरामद हुआ।
वर्तमान में टनल के भीतर युद्धस्तर पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। एसडीआरएफ की टीम निरीक्षक करण सिंह के नेतृत्व में एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर मलबे में तलाश कर रही है। टनल के भीतर भारी मात्रा में जमा पानी और मलबा राहत कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके समाधान के लिए सक्शन पंपों और आधुनिक उपकरणों की मदद से पानी की निकासी का काम तेजी से किया जा रहा है, ताकि टीमें सुरक्षित रूप से आगे बढ़ सकें।
जिला प्रशासन द्वारा पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की बारीकी से निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि टनल में फंसे शेष दो लापता श्रमिकों की तलाश सरकार और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बचाव दल पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ हर संभावित स्थान पर सघन अभियान चला रहे हैं।
