चमोली: हाट-सियासैंण क्षेत्र स्थित टीएचडीसी की विष्णुगाड़-पीपलकोटी निर्माणाधीन टनल में गत 13 अगस्त को हुए दर्दनाक हादसे के बाद करीब पांच दिनों से जारी सघन सर्च एवं रेस्क्यू अभियान मंगलवार को पूरा हो गया। टनल में फंसे अंतिम लापता श्रमिकों के शव भी बरामद कर लिए गए हैं, जिसके साथ ही हादसे में मृतकों की कुल संख्या 10 हो गई है। वहीं, घटना के समय टनल में फंसे कुल 22 श्रमिकों में से 12 घायलों को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया था। मंगलवार को बरामद किए गए शवों को टनल से बाहर निकालकर तुरंत जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेज दिया गया है।
यह हादसा 13 अगस्त को काम के दौरान टनल में अचानक ऊपर से भारी मलबा गिरने से हुआ था। टनल के भीतर पानी, कीचड़ (स्लज) और मलबे की अत्यधिक मात्रा होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण रहा। टनल के अंदरूनी हिस्सों तक पहुँचने के लिए सक्शन पंपों के जरिए लगातार पानी की निकासी की गई। जिलाधिकारी गौरव कुमार की देखरेख में जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, आईटीबीपी, डीडीआरएफ, सीआईएसएफ, राजस्व विभाग और टीएचडीसी की टीमों ने आधुनिक उपकरणों के साथ एक संयुक्त और समर्पित अभियान चलाकर इसे अंजाम तक पहुँचाया।
हादसे में जान गंवाने वाले 10 श्रमिकों में उत्तराखंड (टिहरी व चमोली), उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड के निवासी शामिल हैं। वहीं घायल हुए 12 श्रमिकों को तत्काल आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई, जिनमें से अधिकांश का उपचार जारी है। गंभीर रूप से घायल रोहित पाण्डे का उपचार बेस अस्पताल श्रीनगर तथा गोविन्दो मंडाल का उपचार जिला अस्पताल गोपेश्वर में चल रहा है। प्रशासन ने राहत कार्य में शामिल सभी सुरक्षा बलों, रेस्क्यू एजेंसियों और अधिकारियों के त्वरित व समन्वित प्रयासों की सराहना की है।
