- “आजादी का जश्न, देशभक्ति के सुर”
- अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026 के तहत एकल गीत प्रतियोगिता आयोजित
- श्वेता प्रथम, मुकेश द्वितीय और तनाॅय तृतीय स्थान पर रहे
देहरादून: श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय द्वारा अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026 के तहत मंगलवार को “आजादी का जश्न मनाएं, देशभक्ति के सुर सजाएं” विषय पर एकल गीत प्रतियोगिता आयोजित की गई। विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के छात्रों ने अपनी गायन क्षमता और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान पथरीबाग स्थित सभागार में देशभक्ति के गीतों की एकल प्रस्तुतियां सुनकर उपस्थित दर्शकों और शिक्षकों को गहरा प्रभावित किया गया।
प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय की छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न गीतों की प्रस्तुतियां देकर स्वतंत्रता, राष्ट्र की एकता, वीरों के बलिदान और मातृभूमि के प्रति सम्मान का संदेश दिया। सभागार में देशभक्ति का माहौल पूरे कार्यक्रम को यादगार बना गया।
प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय की डीन प्रो. (डॉ.) प्रीति तिवारी ने छात्रों की प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और राष्ट्र के प्रति गौरव, सम्मान एवं समर्पण की भावना को मजबूत करने की बात कही।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन सेवानिवृत्त प्रो. तुष्टि मैठाणी, एमकेपी कॉलेज, देहरादून द्वारा किया गया। उन्होंने छात्रों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करते हुए उनकी प्रतिभा, उत्साह और सांस्कृतिक गतिविधियों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
प्रतियोगिता के परिणामों में मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय की श्वेता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। स्कूल ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेज के मुकेश ने द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि स्कूल ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज के तनॉय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। तीनों विजेताओं ने अपनी मधुर आवाज और भावाभिव्यक्ति से निर्णायक मंडल एवं दर्शकों की सराहना हासिल की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रिया पांडे, डॉ. लता सती और डॉ. पारुल अग्रवाल ने किया, जबकि मंच संचालन यानिशा ने किया। मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के सभी शिक्षकों के साथ सैकड़ों छात्रों ने इस अवसर पर प्रतिभाग किया।
