अंकिता भंडारी मामले में कांग्रेस का प्रदर्शन, राज्यपाल नियुक्ति पर भी उठाए सवाल

  • प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में जुटे कार्यकर्ता
  • गांधी पार्क में मौन उपवास कर न्याय की मांग

देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच और भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को गांधी पार्क में मौन उपवास एवं सत्याग्रह किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अंकिता को न्याय दिलाने तथा मामले की सीबीआई जांच में तेजी लाने की मांग उठाई।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक बेटी की हत्या का मामला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता, मातृशक्ति के सम्मान और कानून व्यवस्था से जुड़ा संवेदनशील विषय है। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद भी कथित वीवीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों का संतोषजनक जवाब जनता को नहीं मिला है। उनके अनुसार, सरकार की ओर से सीबीआई जांच की घोषणा के बावजूद जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है।

गोदियाल ने दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इस नियुक्ति से संभावित कानूनी कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले में लगाए जा रहे आरोपों की सच्चाई निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही सामने आनी चाहिए। केंद्र सरकार को नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार एक ओर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, वहीं दूसरी ओर अंकिता को न्याय दिलाने की मांग लगातार उठ रही है। कांग्रेस की मांग है कि हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की पारदर्शी जांच हो और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

गोदियाल ने कहा कि अंकिता उत्तराखंड के प्रत्येक परिवार की बेटी थी और उसे न्याय दिलाना सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी और कथित वीवीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग उठाती रहेगी।

सत्याग्रह में ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद

कार्यक्रम में राजेंद्र भंडारी, राजीव महर्षि, लालचंद शर्मा, आलोक शर्मा, अश्विनी बहुगुणा, राजेंद्र शाह, सुरेंद्र रांगड़, गोदावरी थापली, सुजाता पॉल, जयेन्द्र रमोला, नवीन जोशी, याकूब सिद्दीकी, नीरज त्यागी, अभिनव थापर, अमेन्द्र बिष्ट, यशपाल चौहान, ओम प्रकाश सती, प्रतिमा सिंह, गरिमा दसौनी, सोनिया आनंद, शीशपाल बिष्ट, जसविंदर सिंह गोगी, संजय किशोर, सोमेन्द्र बोरा, संजय कनौजिया, कुंवर सजवाण, कोमल बोरा, अनुज गुप्ता, प्रदीप जोशी, उर्मिला थापा, भगवती प्रसाद सेमवाल, सोहन लाल रतूड़ी, सुनीत राठौर, मनवर सिंह, राजीव कुमार, महेंद्र सिंह नेगी, मदन लाल, स्वाति नेगी, सत्येंद्र पंवार, प्रीतम सिंह आर्य, विनोद कुमार, अजय रावत, राजीव केशववाल, आनंद बहुगुणा, आशा शर्मा, प्रणीता बडोनी, अखिलेश उनियाल, शईद हसन, युद्धवीर पंवार, वीरेंद्र पंवार, सचिन गुप्ता, प्रदीप थपलियाल, उपेंद्र थापली, ललित भद्री, प्रशांत खंडूरी, रितेश जोशी, रितेश क्षेत्री, अशोक शर्मा, बलवीर पंवार, श्याम लाल आर्य, गुल मोहम्मद, लाखीराम बिजलवाण, टीटू शर्मा, विजयप्रताप मल्ल, सुशील डोभाल, सुलेमान अली, अमरदेव गोनियाल, अनूप कपूर, नरेशानंद नौटियाल, सूरज क्षेत्री, करतार नेगी, सचिन टिचकुले, शोभाराम, आदर्श सूद, मदन कोहली, अनूप सक्सेना और शरीफ बेग सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।