- नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली में मौसम बिगड़ने की चेतावनी
- प्रशासन ने आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा
देहरादून: मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून का पूर्वानुमान सही साबित हुआ है। गुरुवार को गढ़वाल मंडल के कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम का मिजाज बिगड़ गया। वहीं, शुक्रवार 30 अक्टूबर को भी प्रदेश में मौसम खराब रहने की आशंका है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट और अन्य जिलों में येलो अलर्ट के मद्देनजर प्रशासन को सतर्क किया गया है। जिला अधिकारियों ने आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों और सड़क मार्गों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
पांच जिलों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
कई क्षेत्रों में दर्ज हुई बारिश, हर्षिल में सबसे अधिक
मौसम विभाग के स्वचालित मौसम केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह 8:30 बजे तक हर्षिल में 34 मिमी, जौन की चट्टी में 27.5 मिमी, नई टिहरी में 24.5 मिमी, मुखेम में 23.5 मिमी और प्रतापनगर में 22 मिमी बारिश दर्ज की गई। धनोल्टी में 18.5 मिमी, आशारोड़ी में 17.5 मिमी, मोहकमपुर में 16 मिमी और बड़कोट में 15.5 मिमी बारिश हुई।
पिछले तीन घंटों के आंकड़ों में हर्षिल में 17 मिमी, धनोल्टी और मुखेम में 9-9 मिमी, नई टिहरी में 8.5 मिमी तथा जौन की चट्टी में 7.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। मसूरी, ऋषिकेश, चकराता और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश हुई।
31 अक्टूबर को पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 31 अक्टूबर को पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने के साथ गरज-चमक की संभावना है। वहीं, 1 और 2 नवंबर के लिए जारी पूर्वानुमान में कोई विशेष चेतावनी दर्ज नहीं की गई है।
मौसम अलर्ट के बीच नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर में प्रशासन मुस्तैद, आपदा प्रबंधन तंत्र अलर्ट मोड पर
बागेश्वर की जिलाधिकारी अपूर्वा पांडेय ने मौसम के अलर्ट को देखते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने पर जोर दिया।
चंपावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार ने आईआरएस (इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम) से जुड़े अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सड़क बंद होने की स्थिति में जल्द आवाजाही बहाल करने, टुलीगाड़ मोटर मार्ग पर विशेष निगरानी रखने और अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने को कहा है। साथ ही सभी अधिकारियों को अपने मोबाइल फोन चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने संबंधित विभागों को अलर्ट रहने और अधिकारियों के फोन 24 घंटे चालू रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को सक्रिय रखते हुए मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
