- विज्ञान प्रदर्शनी और कोडिंग प्रतियोगिताओं में छात्रों ने दिखाई प्रतिभा
- हैकाथॉन के विजेताओं को मिलेंगे 50 हजार रुपये
हल्द्वानी: हल्द्वानी के ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी परिसर में तीन दिनों तक चलने वाले वार्षिक टेक फेस्ट ‘इनोविस्टा 2026’ का बहुत ही धूमधाम से शुभारंभ हो गया है। तकनीक और नए विचारों में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए यह एक बेहतरीन मंच साबित हो रहा है। इस फेस्ट का आयोजन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटर एप्लीकेशंस ने ‘टेक गीक्स’ समूह के साथ मिलकर किया है। 30 अक्टूबर से शुरू हुआ यह खास कार्यक्रम 1 नवंबर 2026 तक चलेगा। फेस्ट के पहले ही दिन अलग-अलग स्कूलों और कॉलेजों के 700 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा, तकनीकी ज्ञान व नए आइडिया का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. मनोज चंद्र लोहानी ने किया। अपने भाषण में उन्होंने बताया कि आज के समय में पढ़ाई और कामकाज के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और साइबर सुरक्षा का कितना बड़ा महत्व है। उन्होंने छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक सोच अपनाने और आधुनिक तकनीक की मदद से समाज की असली समस्याओं को सुलझाने के लिए प्रेरित किया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में विभागाध्यक्ष डॉ. ईश्वरी सिंह राजपूत, कुलजिंदर सिंह बुमराह, कमलेश पडालिया और इवेंट कोऑर्डिनेटर नेहा शर्मा के साथ-साथ विश्वविद्यालय के शिक्षकों और आयोजन समिति का बहुत बड़ा योगदान रहा।
फेस्ट के पहले दिन छात्रों को नई चीजें सिखाने के लिए कई वर्कशॉप और सेमिनार रखे गए। इसमें सबसे खास इंडिया स्टेम फाउंडेशन (गुरुग्राम) के विशेषज्ञों द्वारा आयोजित रोबोटिक्स वर्कशॉप रही। इसमें वरिष्ठ रोबोटिक्स इंजीनियर गजराज सिंह, आदित्य प्रजापति (जो इसी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र भी हैं) और अलेश्वरम वंशी तेजा ने छात्रों को ऑटोमेशन और रोबोटिक्स के काम करने के तरीकों के बारे में आसान भाषा में समझाया। इसके अलावा उन्होंने वर्ल्ड रोबोट ओलंपियाड में बच्चों को ट्रेनिंग देने के अपने अनुभव भी साझा किए। वहीं दूसरी तरफ इंटरनेट सुरक्षा पर एक खास सत्र का आयोजन हुआ, जिस्में भीमताल परिसर के कंप्यूटर साइंस विभाग के शिक्षक और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ अंश ढींगरा ने छात्रों को इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने, अपने व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखने और ऑनलाइन खतरों से बचने के आसान तरीके सिखाए।
छात्रों की प्रतिभा को परखने के लिए फेस्ट में कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें विज्ञान प्रदर्शनी और कोडिंग प्रतियोगिता प्रमुख थीं। 16 टीमों वाली विज्ञान प्रदर्शनी में दीप्ति पब्लिक स्कूल की कक्षा 9 की टीम (गौरी जोशी, आदित्य शर्मा, ध्रुव सिंह और मान्या तंवर) ने पहला स्थान हासिल कर 3,000 रुपये का इनाम जीता। स्वस्त्यायन सीनियर सेकेंडरी स्कूल की कक्षा 10 की टीम ने दूसरा स्थान पाकर 2,000 रुपये जीते, जबकि सिटी कॉन्वेंट स्कूल की कक्षा 9 की टीम तीसरे स्थान पर रही और उसे 1,000 रुपये का पुरस्कार मिला। सिंथिया सेकेंडरी स्कूल को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा कोडिंग प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में दिल्ली पब्लिक स्कूल हल्द्वानी के छात्रों ने पहला, दूसरा और तीसरा तीनों स्थान अपने नाम किए। जूनियर वर्ग में बीएलएम अकादमी ने तीनों शीर्ष स्थानों पर कब्जा किया। दोनों वर्गों में पहले, दूसरे और तीसरे स्थान के विजेताओं को क्रमशः 5,000 रुपये, 3,000 रुपये और 1,000 रुपये का नकद इनाम दिया गया।
इस टेक फेस्ट का सबसे बड़ा आकर्षण 36 घंटे तक चलने वाला हैकाथॉन है, जिसकी शुरुआत 30 अक्टूबर से हुई। इसमें 32 अलग-अलग टीमें हिस्सा ले रही हैं और लगातार 36 घंटे तक काम करके अलग-अलग समस्याओं के तकनीकी समाधान ढूंढ रही हैं। हैकाथॉन के विजेताओं के लिए कुल 50,000 रुपये का पुरस्कार रखा गया है। पढ़ाई और तकनीक के साथ-साथ फेस्ट में मनोरंजन और व्यापार की सीख देने के लिए विश्वविद्यालय के छात्रों ने 30 फूड, गेमिंग और क्राफ्ट स्टॉल भी लगाए। इन स्टॉलों के जरिए छात्रों ने टीम में काम करना, कार्यक्रम का प्रबंधन करना और ग्राहकों से बात करना सीखा। फेस्ट को और मजेदार बनाने के लिए ई-स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएं, रील शूटिंग गतिविधियां और 1.5 लाख (1,50,000) रुपये का लकी ड्रॉ भी रखा गया है।
कार्यक्रम की संयोजिका नेहा शर्मा ने बताया कि ‘इनोविस्टा 2026’ का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक तकनीक से जोड़ना और उनके अंदर रचनात्मक सोच पैदा करना है। 1 नवंबर 2026 तक चलने वाला यह टेक फेस्ट छात्रों को नई तकनीक से जोड़ने और उनके कौशल को बेहतर बनाने की दिशा में एक बहुत ही सराहनीय कदम है।
