SGRRU के खेलोत्सव-2026 का आगाज, 5 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं दिखाएंगे दमखम

  • 15 खेल प्रतियोगिताओं में 5,000 से अधिक विद्यार्थी दिखाएंगे दमखम
  • प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं
  • एनसीसी कैडेट्स और विश्वविद्यालय के 11 संघटक स्कूलों के विद्यार्थियों ने परेड में लिया हिस्सा
  • राष्ट्रीय स्तर के योग पदक विजेता सुमीर ने प्रज्वलित की खेल मशाल
  • 2 नवंबर तक चलेंगी 15 खेल प्रतियोगिताएं, एनसीसी परेड
  • खेल मशाल और गढ़वाली लोक संगीत की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

देहरादून: श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता खेलोत्सव-2026 का बुधवार को विश्वविद्यालय के खेल मैदान में भव्य शुभारंभ हुआ। 28 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस खेल महोत्सव में 15 विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में 5,000 से अधिक छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के एनसीसी बैंड, एनसीसी एवं एनएसएस कैडेट्स तथा विश्वविद्यालय के 11 संघटक स्कूलों के प्रतिनिधियों ने अनुशासित परेड के माध्यम से खेल भावना, एकता और अनुशासन का शानदार प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विपिन चंद्र घिल्डियाल ने खेलोत्सव के शुभारंभ की औपचारिक घोषणा की। खेलोत्सव के चेयरपर्सन डॉ. पुनीत ओहरी, सचिव एस.पी. जोशी एवं छात्र सुमीर ने खेल मशाल प्रज्वलित कर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने खिलाड़ियों, आयोजन समिति, फैकल्टी, स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

उद्घाटन समारोह में गढ़वाली लोक संगीत पर प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं, योग के विद्यार्थियों ने विभिन्न योगासनों के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक संतुलन का संदेश दिया। विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों ने खेल मशाल के साथ ट्रैक का चक्कर लगाकर खेलोत्सव के उत्साह को बढ़ाया।डॉ. वाणी शर्मा ने विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज का संदेश और आशीर्वचन खिलाड़ियों के समक्ष प्रस्तुत किए।

कुलपति प्रो. विपिन चंद्र घिल्डियाल ने अपने संबोधन में कहा कि श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना भी है। खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलोत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और अपनी क्षमताओं को निखारने का बेहतर अवसर प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरे उत्साह एवं समर्पण के साथ खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीत और हार से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना, अनुशासन और निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास है।विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. सोनिका कंडारी ने अपने संबोधन में कहा कि खेलोत्सव विद्यार्थियों की ऊर्जा, प्रतिभा और सामूहिक सहभागिता का उत्सव है। शिक्षा के साथ खेलों में भागीदारी विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है। खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में सहयोग, नेतृत्व, अनुशासन और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित होती है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और नए लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने खेलोत्सव में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का संदेश दिया।

एनसीसी की 11 यूके बटालियन के अंडर ऑफिसर आदर्श भंडारी एवं अंडर ऑफिसर नीलम ने कैडेट्स का प्रतिनिधित्व करते हुए मुख्य अतिथि को सलामी दी। कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्रा एवं राष्ट्रीय स्तर की रजत पदक विजेता दिव्या रावत ने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का संचालन आकृति रावत एवं यश मदान ने किया। खेलोत्सव आयोजन के सचिव डॉ. एस.पी. जोशी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

समारोह में कुलसचिव डॉ. सोनिका कंडारी सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।