श्री दरबार साहिब में मत्था टेककर लौटे मंत्री खजान दास, 100 करोड़ से अधिक बकाया राशि का भुगतान का दिया बड़ा भरोसा
देहरादून: आस्था और सेवा का अनोखा मेल देखने को मिला जब उत्तराखंड के समाज कल्याण मंत्री खजान दास बुधवार को पवित्र श्री दरबार साहिब पहुंचे। यहां उन्होंने श्रद्धा से मत्था टेका और पूरे प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंत्री खजान दास ने इस दौरान श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के लिए बड़ी राहत का ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार जल्द ही विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं (आयुष्मान, गोल्डन कार्ड एवं ईएसआई) के तहत लंबित 100 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि का भुगतान कर देगी।
उन्होंने कहा, “जब कई अन्य अस्पतालों ने इन योजनाओं को बंद कर दिया, तब श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने मुश्किल समय में भी आमजन की सेवा जारी रखी और सरकार का पूरा सहयोग किया। ऐसे में सरकार भी इस संस्थान को हर संभव मदद प्रदान करेगी।”
खजान दास ने अस्पताल द्वारा आम लोगों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की मुक्त कंठ से सराहना की और कहा कि यह संस्थान उत्तराखंड की जनता के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य स्तंभ साबित हो रहा है।
आशीर्वाद और गहन चर्चा श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से भेंट के दौरान मंत्री ने आशीर्वाद लिया। दोनों के बीच प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों — पर्यावरण संरक्षण, जन स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण — पर विस्तृत चर्चा हुई।
कैबिनेट मंत्री बनने के बाद यह खजान दास का श्री दरबार साहिब का पहला दौरा था, जिसका पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार भव्य स्वागत किया गया।
मंत्री ने श्री दरबार साहिब द्वारा राजपुर स्थित माँ अम्बिका देवी मंदिर के भव्य जीर्णोद्धार कार्य की भी खुलकर प्रशंसा की। वहीं, श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी साझा की।
समाज कल्याण पर विशेष जोर खजान दास ने समाज कल्याण विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का फोकस अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर है। वृद्धजन, दिव्यांगजन, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए चलाई जा रही योजनाएं न सिर्फ दीर्घकालिक लाभ दे रही हैं बल्कि उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव भी ला रही हैं।
यह दौरा स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक कल्याण और धार्मिक आस्था के बीच गहरे तालमेल का सुंदर उदाहरण बन गया है।