- 1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा कौशल संवर्धन योजना का लाभ
- 2031 तक राजकोषीय घाटे और ऋण की सीमा तय
- 1873 के पुराने नहर कानून की जगह आएगा नया विधेयक
चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को एनएचपीसी बनबसा, चंपावत में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्यहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के बाद कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में भूमि अधिकार, पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, संपत्ति के लेन-देन में PAN सत्यापन, राजकोषीय प्रबंधन, वन विभाग, स्थानीय निकाय, कर्मचारियों की सेवा शर्तों, सतर्कता अधिष्ठान, सिंचाई, पशुपालन, उच्च शिक्षा और निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े निर्णय शामिल हैं।
वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि पर भूमिधरी अधिकार
कैबिनेट ने वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। नैनीताल जिले की नगर पंचायत लालकुआं में संबंधित पट्टेदारों और कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार देने तथा देहरादून जिले के परगना जौनसार-बावर में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण संबंधी प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है। संबंधित भूमि का विनियमितीकरण एक वर्ष के लिए वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद प्रचलित सर्किल रेट लागू होगा।
पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए ₹66.29 करोड़
पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को ₹66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि जारी करने को मंजूरी दी गई है। यह राशि कॉरपोरेशन की कार्ययोजना के अनुसार नवनिर्माण और अन्य निर्धारित कार्यों में खर्च की जाएगी।
संपत्ति खरीद-बिक्री में PAN सत्यापन अनिवार्य
स्टाम्प एवं निबंधन विभाग के अंतर्गत संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लेन-देन में क्रेता, विक्रेता और अन्य संबंधित पक्षों द्वारा उपलब्ध कराए गए PAN के सत्यापन की व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य गलत अथवा फर्जी PAN के इस्तेमाल को कम करना तथा आयकर विभाग को होने वाली रिपोर्टिंग में डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
2031 तक राजकोषीय घाटे और ऋण की सीमा तय
कैबिनेट ने उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी। इसके तहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP के 3 प्रतिशत और वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा GSDP के 30 प्रतिशत निर्धारित की गई है। आपदा और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों में नियमानुसार अतिरिक्त छूट का प्रावधान रहेगा।
वन विभाग में विभागाध्यक्ष व्यवस्था में बदलाव
वन विभाग की विभागाध्यक्ष संबंधी व्यवस्था में संशोधन किया गया है। निदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाकर मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं और मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा। इससे वनाग्नि, दैवीय आपदा, बाढ़ नियंत्रण और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई में मदद मिलने की बात कही गई है।
छठवें राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में होगी पेश
छठवें राज्य वित्त आयोग की ओर से पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के संबंध में प्रस्तुत प्रतिवेदन को आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने की मंजूरी दी गई। आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए राज्य के शुद्ध कर राजस्व से स्थानीय निकायों को किए जाने वाले अंतरण तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर अपनी संस्तुतियां दी हैं।
कर्मचारियों की संपत्ति संबंधी नियमावली में संशोधन
उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई। इसमें कर्मचारियों की चल-अचल और बहुमूल्य संपत्ति से जुड़े प्रावधानों को वर्तमान परिस्थितियों तथा अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली के अनुरूप स्पष्ट और अद्यतन किया जाएगा।
समूह ‘ग’ की भर्ती में साक्षात्कार व्यवस्था में बदलाव
समूह ‘ग’ के पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया से संबंधित संशोधन नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। उप कारापाल के पद पर शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा की व्यवस्था होने के कारण साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त की जाएगी। वहीं जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को संबंधित परिशिष्ट से हटाया जाएगा।
सतर्कता अधिष्ठान का होगा पुनर्गठन
सतर्कता अधिष्ठान, उत्तराखंड के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है। इसमें आठ आरक्षी ना.पु., एक आरक्षी डाक रनर और दो आरक्षी चालक समेत कुल 11 पद समर्पित किए जाएंगे। इसके साथ ही छह नए पद सृजित किए जाएंगे।
1873 के पुराने नहर कानून की जगह नया विधेयक
कैबिनेट ने उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 को निरस्त करने का फैसला लिया है। इसके स्थान पर राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी दी गई है।
कुक्कुट आहार सब्सिडी अब DBT से
कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना के तहत लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान वर्तमान CBDC/ई-रूपी आधारित व्यवस्था के स्थान पर आधार सीडेड या लिंक्ड बैंक खाते के माध्यम से DBT द्वारा किए जाने को मंजूरी दी गई है।
1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा कौशल संवर्धन योजना का लाभ
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 को मंजूरी दी गई है। योजना का लाभ राज्य के राजकीय और निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत करीब 1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा। योजना पर पांच वर्षों में करीब ₹200 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में बदलाव
राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए निर्धारित नीति और मानकों में संशोधन को मंजूरी दी गई। संशोधित व्यवस्था के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर तथा मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र की व्यवस्था होगी। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अलग मूल्यांकन मानक भी निर्धारित किए जाएंगे।
नरेंद्रनगर में खुलेगा उप निबंधक कार्यालय
मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में टिहरी जिले की तहसील नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई। कार्यालय के क्षेत्राधिकार में नरेंद्रनगर तहसील के 98 और उप तहसील पावकी देवी के 35, यानी कुल 133 राजस्व ग्राम शामिल होंगे। इससे क्षेत्रीय लोगों को पंजीकरण संबंधी सेवाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी।
मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन-मानदेय का पुनर्निर्धारण
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर की कमी को देखते हुए संबंधित पदों पर तैनात कार्मिकों के देय वेतन और मानदेय के पुनर्निर्धारण को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा कैबिनेट ने वन भूमि हस्तांतरण मामलों के तकनीकी परीक्षण के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई के गठन, सहायक लोक अभियोजक की नियुक्ति, सार्वजनिक परिसंपत्तियों के विनिवेश से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने, पशुपालन-डेयरी एवं मत्स्य विभागों में महानिदेशक का नया पद सृजित करने, वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा की नई नियमावली तथा जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली में संशोधन सहित कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में भूमि, वित्त, वन, एयरपोर्ट, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, प्रशासनिक ढांचे और स्थानीय निकायों से जुड़े कुल 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए।
