- IPC/IT Act में दर्ज हुआ मुकदमा
चकराता (देहरादून): वॉट्सऐप और फेसबुक से फोटो चोरी कर सोशल मीडिया पर फर्जी खबर चलाकर पुलिस अधिकारी की छवि धूमिल करने के मामले में चकराता न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपी विकास गर्ग के खिलाफ बीएनएस (BNS) और आईटी एक्ट (IT Act) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला? थाना चकराता में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक (SSI) कृष्ण कुमार सिंह ने चकराता कोर्ट में परिवाद संख्या 12/2026 दाखिल किया था। परिवाद के अनुसार, विकास गर्ग (पुत्र सलेक चंद, निवासी 99 मन्नू गंज, हकीकत राय नगर, कोतवाली नगर) ने 29 मार्च 2026 को रायपुर के एक प्रकरण में उपनिरीक्षक के निलंबन को लेकर एक खबर चलाई थी।

आरोप है कि विकास गर्ग ने कृष्ण कुमार सिंह के निजी वॉट्सऐप और फेसबुक अकाउंट से उनकी तस्वीर चोरी की, उसे क्रॉप किया और “वर्दी पे दाग: दरोगा कृष्ण कुमार सिंह निलंबित” शीर्षक से फर्जी खबर प्रसारित कर दी।
न्यायालय का रुख और कार्रवाई इस भ्रामक व फर्जी खबर को वरिष्ठ उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार सिंह द्वारा चकराता कोर्ट में आपराधिक मानहानि (Criminal Defamation) के तहत चुनौती दी गई थी।
मामले की सुनवाई के बाद आज, दिनांक 25 अगस्त 2026 को चकराता कोर्ट ने परिवादी के तर्कों को सही माना। न्यायालय ने विकास गर्ग के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356(2) (मानहानि) तथा IT Act की धारा 66C (आइडेंटिटी थेफ्ट/पहचान की चोरी) के तहत संज्ञान लेते हुए आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है।
