पलायन के दर्द के बीच उम्मीद की मिसाल बना ‘रैबासा होम स्टे’
कोहरा से ढकी घाटी में, बांज-बुरांश देवदार के जंगल के बीच, एक छोटा सा पत्थर का घर चुपचाप खड़ा है। बदरी खोली और केदार खोली। यह नाम सिर्फ एक घर का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक ताकत और ग्रामीण आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रतीक है। यहाँ…